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Ram Mandir : आतंकी हमले का अलर्ट 24 जनवरी को

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Ram Mandir एक मुख्य प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है जो कि अभी उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बनने जा रहा है यहां मंदिर वहां स्थान पर बनाया जाएगा जहां पर भगवान राम का जन्म हुआ था भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था इसके कारण वहां पर अब Ram Mandir बनाया जा रहा है पहले इस स्थान पर बारबरी मस्जिद थी और अब इस जगह पर राम मंदिर बनाया जा रहा है और अब Ram Mandir केनिर्माण के अंतिम चरण पर 24 जनवरी को आतंकी हमले के लिए अयोध्या को अलर्ट किया गया है 

Ram Mandir : आतंकी हमले का अलर्ट 24 जनवरी को

Ram Mandir Opening Date

सुरक्षा एजेंसी दो आतंकियों के गिरफ्तारी के बाद

Ram Mandir का निर्माण कार्य 5 अगस्त 2020 में शुरू हो गया था और अब यहां 24 जनवरी 2024 को पूर्ण होने जा रहा है इस खुशी के माहौल पर  राम मंदिर के आयोजन पर बहुत बड़ा रैली निकाली जाएगी और समस्त भारत के लोग राम जी के दर्शन लेने आएंगे पर जानकारी के मुताबिक पता चला है कि 24 जनवरी 2024 को राम मंदिर को आतंकी हमले से अलग किया गया है और दावा किया गया है कि आतंकवाद यानी जो इस मंदिर के निर्माणसे खुश नहीं हैवह इस राम मंदिर केनिर्माण में अर्चना पैदा करने हेतु अलर्ट जारी किया गया है 

अयोध्या के सड़कों पर पुलिस एक्टिव है वाहनों को रोका जा रहा है उनकी कड़ी तलाशी ली जा रही है सब कुछ ठीक पाए जाने के बाद ही वाहनों को छोड़ा जा रहा है माजरा क्या है दरअसल देश के सुरक्षा एजेंसी में राम मंदिर को लेकर एक अलर्ट जारी किया है

उनके मुताबिक अयोध्या में बना रहे राम मंदिर पर हमले की साजिश रची जा रही है सुरक्षा एजेंसी के तरफ से मिले इनपुट और दिल्ली लश्कर कर के संपर्क में रहे दो आतंकियों के गिरफ्तारी के बाद यहां कदम उठाया गया है अयोध्या के मार्ग स्थान पर हर वाहन की चेकिंग की जा रही हैऔर हर स्थान पर एक पुलिस व आर्मी ऑफिसर को तैनात कर दिया गया है वहां के साथ-सा द वाहन चालक के आईडी में चेकिंग की जा रही है

Ram Mandir सुरक्षा :

अयोध्या में राम मंदिर को लेकर सुरक्षा पर बड़ी कार्रवाई की जा रही है और अब Ram Mandir की सुरक्षा का जिमा सीआईएफ के हाथों मैं दे दी गई है मंदिर के उद्घाटन से पहले CISF अपना सुरक्षा का ताना-बाना यहां पर तैयार कर लेगी वहीं बीते दिनों रामलाल की सुरक्षा समिति ने अयोध्या में रामनगरी की सुरक्षा को लेकर एक मास्टर प्लान तैयार किया था उसे मास्टर प्लान को शासन को भेजा गया था उसके पहले चरण में मंजूरी मिल चुकी है भगवान राम की नगरी की सुरक्षा जमीन से लेकर आसमान तक सेवा की रामलाल के साथ भगवान राम लाल की नगरी की भी सुरक्षा हाई टेक होने जा रही है

राम मंदिर के सुरक्षा को लेकर सीआईएसफ ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है और आप Ram Mandir में कोई परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा क्योंकि Ram Mandir की सुरक्षा न केवल जमीन से ही नहीं आसमान से भी की जाएगी राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने इतनी सख्त सिक्योरिटी को खड़ा किया है जहां पर किसी भी आतंकवादी को कुछ भी कर पाना आसान नहीं होगा

क्योंकि राम मंदिर के ऊपर ड्रोन एरोप्लेन हवाई जहाज जैसे सभी चीजों से नजर रखी जाएगी सीआईएफ का दावा है कि उनकी तैयारी संपूर्ण रूप से पूर्ण हो चुकी है और वहां सिक्योरिटी बीतेनाथ कर चुके हैं इस बारे में प्रधानमंत्रीऔर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी का कहना है कि राम मंदिर को कोई हाथ भी नहीं लग सकता और 24 जनवरी 2024 को राम मंदिर का उद्घाटन होगा

CISF सुरक्षा

जैसा की राम मंदिर की सुरक्षा का जुम्मा सीआईएसएफ के हाथों में दे दिया गया है और अब ही Ram Mandir की सुरक्षा करेगी और छपे छपे पर नजर रखी जाएगी राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मी और सीआईएसएफ ही नहीं ड्रोन से भी होगी राम मंदिर की निगरानी क्योंकि 24 जनवरीको राम मंदिर का उद्घाटन पर सैकड़ो लोग राम मंदिर के दर्शन के लिए आएंगे इसके लिए सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है

सीआईएसफ का दावा किया गया है की राम मंदिर की सुरक्षा पूर्ण रूप से है क्योंकि उन्होंने चुपके-चुपके पर आर्मी ऑफिसर खड़े हैं और सभी वाहन चालक एवं कर्मचारी बड़े अधिकारियों की तलाशी ली जा रही है किसी को भीछूट नहीं दी जाएगी क्योंकि सीआईएसएफ के अनुसारवहां सभी गाड़ियों के आईडी वह गाड़ी चेक करने काआदेश मिल चुका है

राम मंदिर को बंद से उड़ने की धमकी भी दी गई है हालांकि पुलिसकर्मियों ने धमकी देने वालेआतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है और यह धमकी केवल Ram Mandir के लिए ही नहीं वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सीएम आदित्यनाथ योगी को भी दी गई है यह धमकी दो लोगों ने दी थी जिसका नाम ताहर सिंह और ओमप्रकाश है प्लीज कर्मियों ने मौके पर हीआतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया है दोनों आतंकि गोंडा के बताए जा रहे हैं

राम मंदिर को बम से उड़ने की धमकी इन्हीं दो आतंकियों ने दी थी और जुबेर खान हैंडल नाम से धमकी दीगई थी और आप लगातार पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है और अभी तक इन दोनों ने अपने नाम और पता कि सिवा और कुछ नहीं बताया है ओमप्रकाश और तहर सिंह का कहना है कि उन्हें धमकी देने के लिए जुबेर खान हैंडल ने कहा था

राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर ड्रोन को एक महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है क्योंकि ड्रोन आसमान से सभी पर नजर रखेगा और राम मंदिर के उद्घाटन के दिन यानी 24 जनवरी 2024 कोराम मंदिर के ऊपर से सभी हवाई जहाज एवं किसी भी चीज का आना-जाना अनिवार्य नहीं है क्योंकि उसे दिन राम सिक्योरिटी के मुताबिक यहां रिस्क नहीं उठ जाएगा और ड्रोन ही आने वाले सभी हवाई जहाज एवं अन्य चीजों को कहीं की किलोमीटर दूर से ही देख लेगा

अगर कोई Ram Mandir की तलब कोई विमान आता है तो ड्रोन की सहायता से वहां पहले ही पता चल जाएगा और यहां सिक्योरिटी राम मंदिर कोसीआईएसएफ के दौरान दी गई है राम मंदिर पर पहले भी बहुत सारे विवाद हो चुके हैं इसके कारण राम मंदिर पर कहानी हमले और कई साजिश रची गई है इसको लेकर राम मंदिर की सुरक्षा में कठोर कदम उठाए गए हैं

जिस अयोध्या पर हिंदू और मुस्लिम दोनों दावा करते हैं। मंदिर का निर्माण इस मान्यता से जुड़ा है कि यहीं भगवान राम का जन्म हुआ था।

  • कानूनी लड़ाई: अयोध्या स्थल को लेकर लोगों ने कई वर्षों तक अदालतों में बहस की। आख़िरकार 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वहां Ram Mandir बनाया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि चीजों को निष्पक्ष रखने के लिए मस्जिद के लिए एक और जगह दी जानी चाहिए।
  • सुप्रीम कोर्ट का फैसला: सुप्रीम कोर्ट की पसंद ने Ram Mandir के निर्माण की अनुमति दी, जिससे कई हिंदू खुश हुए। उन्होंने एक ऐसा समाधान ढूंढना भी सुनिश्चित किया जो सभी की मान्यताओं का सम्मान करता हो, शांति और निष्पक्षता को बढ़ावा देता हो।
  • धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व: Ram Mandirका निर्माण हिंदुओं के लिए बहुत बड़ी बात है। यह लंबे समय से चली आ रही इच्छा की पूर्ति का प्रतिनिधित्व करता है और उन लोगों के दिलों में एक विशेष स्थान रखता है जो भगवान राम को एक सम्मानित व्यक्ति के रूप में देखते हैं।
  • अद्भुत इमारत: Ram Mandir कोई साधारण इमारत नहीं है; इसे वास्तुकला का आश्चर्य माना जाता है। लोगों को उम्मीद है कि इसे पुरानी और नई शैलियों को मिलाकर खूबसूरती से बनाया जाएगा। इसके दुनिया भर से आगंतुकों और भक्तों को आकर्षित करने की संभावना है।

ram mandir construction :

22-23 दिसंबर 1949 की रात को बाबरी मस्जिद के अंदर राम और सीता की मुर्तियाँ स्थापित की गईं और अगले दिन से भक्त इकट्ठा होने लगे। 1950 तक, राज्य ने सीआरपीसी की धारा 145 के तहत मस्जिद पर नियंत्रण कर लिया और मुसलमानों को नहीं, बल्कि हिंदुओं को उस स्थान पर पूजा करने की अनुमति दी।

1980 के दशक में, हिंदू राष्ट्रवादी परिवार, संघ परिवार से संबंधित विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने हिंदुओं के लिए इस स्थान को पुनः प्राप्त करने और इस स्थान पर शिशु राम (राम लल्ला) को समर्पित एक मंदिर बनाने के लिए एक नया आंदोलन शुरू किया। विहिप ने “जय श्री राम” लिखी ईंटें और धन इकट्ठा करना शुरू कर दिया। बाद में, प्रधान मंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने विहिप को शिलान्यास के लिए आगे बढ़ने की अनुमति दी,

तत्कालीन गृह मंत्री बूटा सिंह ने औपचारिक रूप से विहिप नेता अशोक सिंघल को अनुमति दी। प्रारंभ में, भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार इस बात पर सहमत हुई थी कि शिलान्यास विवादित स्थल के बाहर किया जाएगा। हालाँकि, 9 नवंबर 1989 को, वीएचपी नेताओं और साधुओं के एक समूह ने विवादित भूमि के बगल में 200-लीटर (7-क्यूबिक-फुट) गड्ढा खोदकर आधारशिला रखी। वहीं गर्भगृह का सिंहद्वार बनवाया गया।

इसके बाद विहिप ने विवादित मस्जिद से सटी जमीन पर एक मंदिर की नींव रखी। 6 दिसंबर 1992 को, वीएचपी और भारतीय जनता पार्टी ने इस स्थल पर 150,000 स्वयंसेवकों को शामिल करते हुए एक रैली का आयोजन किया, जिन्हें करसेवकों के रूप में जाना जाता था। रैली हिंसक हो गई, भीड़ सुरक्षा बलों पर हावी हो गई और मस्जिद को तोड़ दिया।

मस्जिद के विध्वंस के परिणामस्वरूप भारत के हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच कई महीनों तक अंतर-सांप्रदायिक हिंसा हुई, जिसके प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में बॉम्बे (अब मुंबई ) में अनुमानित 2,000 लोगों की मौत हो गई और पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में दंगे भड़क उठे। मस्जिद के विध्वंस के एक दिन बाद, 7 दिसंबर 1992 को, न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि पूरे पाकिस्तान में 30 से अधिक हिंदू मंदिरों पर हमला किया गया, कुछ में आग लगा दी गई और एक को ध्वस्त कर दिया गया। बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर भी हमले किए गए।

5 जुलाई 2005 को, पांच आतंकवादियों ने अयोध्या में नष्ट की गई बाबरी मस्जिद के स्थान पर अस्थायी Ram Mandir पर हमला किया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ आगामी मुठभेड़ में सभी पांचों की मौत हो गई, जबकि हमलावरों द्वारा घेराबंदी की गई दीवार को तोड़ने के लिए किए गए ग्रेनेड हमले में एक नागरिक की मौत हो गई। सीआरपीएफ को तीन हताहतों का सामना करना पड़ा, जिनमें से दो कई गोलियों के घाव से गंभीर रूप से घायल हो गए।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा 1978 और 2003 में की गई दो पुरातात्विक खुदाई में इस बात के सबूत मिले कि साइट पर हिंदू मंदिर के अवशेष मौजूद थे। पुरातत्वविद् केके मुहम्मद ने कई वामपंथी झुकाव वाले इतिहासकारों पर निष्कर्षों को कमजोर करने का आरोप लगाया। इन वर्षों में, विभिन्न शीर्षक और कानूनी विवाद हुए,

जैसे कि 1993 में अयोध्या में निश्चित क्षेत्र के अधिग्रहण अधिनियम का पारित होना। 2019 में अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही यह तय हो गया था कि विवादित जमीन Ram Mandir निर्माण के लिए भारत सरकार द्वारा गठित ट्रस्ट को सौंपी जाएगी। ट्रस्ट का गठन अंततः श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम से किया गया। 5 फरवरी 2020 को, भारत की संसद में यह घोषणा की गई कि भारत सरकार ने मंदिर निर्माण की योजना स्वीकार कर ली है। दो दिन बाद, 7 फरवरी को, 22 नई मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित की गई अयोध्या से दूर धन्नीपुर गाँव में।

अंत में

कार्य चल रहा है और 24 जनवरी को आपको और आपके परिवार कोउत्तर प्रदेश के अयोध्या में हार्दिक स्वागत है इस दिन अयोध्या में श्री राम जी के मंदिर का उद्घाटन किया जाएगा और इस खुशी के मौके पर सभी भारत के लोग वहां पर पूजा एवं अपने आस्था करने आएंगे राम मंदिर के उद्घाटन के लिए अब कुछ ही दिन रह गए हैं फिर Ram Mandir के बारे में और पढ़ना चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स मेंजरूर बताएं.

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